भारत सरकार की PMFME योजनांतर्गत स्वरोजगार हेतु ऋण
योजना पूरे देश में संचालित:
प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (PMFME) योजना पूरे देश में लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को प्रोत्साहित करना और उन्हें औपचारिक रूप देना है।
योजना के मुख्य बिंदु:
- 35 % सब्सिडी
- ब्याज में 3 % की छूट
- अवधि अधिकतम 7 वर्ष
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक लिंकेज, प्रशिक्षण एवं आवेदन प्रोसेस – शासन द्वारा निःशुल्क
- आवेदन की प्रक्रिया सरल ऑनलाइन प्रोसेस – जिला रिसोर्स पर्सन के माध्यम से
- आयु एवं शिक्षा का बंधन नहीं
- ऋण राशि 1 लाख से 10 करोड़
- CGTMSE के अंतर्गत कोई बैंक गारंटी नहीं
योग्य व्यवसाय:
इस योजना के तहत निम्नलिखित व्यवसाय ऋण के लिए पात्र हैं:
- फल और सब्जियों की प्रोसेसिंग यूनिट्स
- अनाज और मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट्स
- मांस और मछली प्रोसेसिंग यूनिट्स
- नट्स और सीड्स प्रोसेसिंग यूनिट्स
- मसाले और मसाले प्रोसेसिंग यूनिट्स
- दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स प्रोसेसिंग यूनिट्स
- अन्य सभी प्रकार के माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स
इस योजना की और जानकारी:
PMFME योजना का उद्देश्य है:
- माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को प्रोत्साहित करना
- उन्हें औपचारिक बनाना
- उन्हें आधुनिक तकनीक प्रदान करना
- बाजार में उनकी पहुंच बढ़ाना
- स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना
दीपक माथुर
शासन द्वारा नियुक्त
जिला रिसोर्स पर्सन
योजना की जानकारी एवं आवेदन हेतु संपर्क करें:

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