गुरुवार, 2 मई 2024

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना


 

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PM FME) एक योजना है जिसे भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा शुरू किया गया है। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है और इसका उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को तकनीकी, वित्तीय, और व्यावसायिक सहायता प्रदान करना है।


यहाँ योजना के प्रमुख बिंदु हैं:


1. **उद्देश्य**: योजना का उद्देश्य अनौपचारिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण को संगठित करना, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, और नए खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का समर्थन करना है।


2. **क्षेत्र**: यह योजना अनौपचारिक क्षेत्र के सूक्ष्म उद्यमों को लक्षित करती है, जो भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का लगभग 74% हिस्सा हैं।


3. **वित्तीय समर्थन**: योजना सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, विपणन, और अन्य व्यापारिक सुधारों के लिए वित्तीय समर्थन प्रदान करती है।


4. **क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी**: योजना उद्यम को 35% परियोजना लागत की सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख तक, प्रदान करती है।


5. **एफपीओ और एसएचजी**: व्यक्तिगत उद्यमों के साथ-साथ, योजना किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह (SHG), और उत्पादक सहकारी समितियों का भी समर्थन करती है।


6. **तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण**: योजना खाद्य प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी प्रदान करती है।


7. **इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास**: यह सामान्य प्रसंस्करण केंद्रों के विकास के माध्यम से प्रसंस्करण इन्फ्रास्ट्रक्चर और आपूर्ति श्रृंखला को सुधारने का प्रयास करती है।


8. **ऑनलाइन पोर्टल**: योजना की जानकारी, आवेदन, और ट्रैकिंग के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध है।


9. **अवधि**: योजना 2020-2025 के बीच पांच साल तक चलेगी।


10. **क्रियान्वयन**: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो राज्य सरकारों के साथ समन्वय में कार्यान्वित की जाती है।


कुल मिलाकर, PM FME योजना सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण व्यवसायों की दक्षता और उत्पादकता को बढ़ावा देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, और इस क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन की गई है। यदि आपको योजना के किसी विशेष पहलू के बारे में और जानकारी चाहिए, तो कृपया बताएं!


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